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Cash Book क्या है? Single, Double और Triple Column Cash Book सीखें

 

Cash Book का Double Column प्रारूप, Cash और Bank कॉलम के साथ

Cash Book क्या है और Single, Double व Triple Column Cash Book कैसे बनती है, यह Class 11 Accountancy का एक अहम चैप्टर है। व्यापार में सबसे ज़्यादा लेन-देन नकद और बैंक से होते हैं, इसलिए इनके लिए एक अलग बही रखी जाती है। इस लेख में हम Cash Book के प्रकार, प्रारूप, Contra Entry और Discount कॉलम को हल किए हुए उदाहरणों के साथ आसान हिंदी में समझेंगे।

Cash Book (रोकड़ बही) क्या है

Cash Book वह बही है जिसमें व्यापार की सभी नकद और बैंक की प्राप्तियाँ और भुगतान तारीख के क्रम में लिखे जाते हैं। इसका एक खास गुण है: यह Journal और Ledger, दोनों का काम करती है।

  • Journal की तरह: इसमें लेन-देन सबसे पहले तारीख के क्रम में लिखे जाते हैं।
  • Ledger की तरह: यह खुद Cash खाता है, इसलिए Cash खाते के लिए अलग से Ledger नहीं बनाना पड़ता।

Cash Book में नियम सीधा है: नकद या बैंक में पैसा आए तो डेबिट पक्ष में लिखें, और जाए तो क्रेडिट पक्ष में। Cash Book का शेष हमेशा डेबिट होता है, क्योंकि जितना नकद है उससे ज़्यादा खर्च नहीं हो सकता। हाँ, बैंक कॉलम का शेष क्रेडिट हो सकता है, जिसे बैंक अधिविकर्ष (Overdraft) कहते हैं।

Cash Book के प्रकार

प्रकारकितने कॉलमकब उपयोग होती है
Single Columnसिर्फ़ Cashजब व्यापार सिर्फ़ नकद में होता है
Double ColumnCash और Bankजब नकद के साथ बैंक से भी लेन-देन हो
Triple ColumnCash, Bank और Discountजब बैंक के साथ नकद छूट (Cash Discount) भी दी या ली जाए
Petty Cash Bookकई खर्च कॉलमछोटे-मोटे रोज़ के खर्चों के लिए

Single Column Cash Book

इसमें सिर्फ़ एक कॉलम (Cash) होता है। बायाँ पक्ष प्राप्तियों का और दायाँ पक्ष भुगतानों का।

उदाहरण

राम के अप्रैल महीने के नकद लेन-देन:

तारीखलेन-देनराशि (₹)
1 अप्रैलहाथ में नकद (शुरुआती शेष)20,000
3 अप्रैलनकद माल बेचा15,000
5 अप्रैलनकद माल खरीदा8,000
8 अप्रैलमोहन से नकद प्राप्त हुए5,000
12 अप्रैलकिराया चुकाया2,000
15 अप्रैलवेतन चुकाया4,000

Single Column Cash Book

Dr (प्राप्तियाँ)Cr (भुगतान)
तारीखविवरणL.F.राशि (₹)तारीखविवरणL.F.राशि (₹)
1 अप्रैलTo Balance b/d20,0005 अप्रैलBy Purchases A/c8,000
3 अप्रैलTo Sales A/c15,00012 अप्रैलBy Rent A/c2,000
8 अप्रैलTo Mohan A/c5,00015 अप्रैलBy Salaries A/c4,000
30 अप्रैलBy Balance c/d26,000
कुल40,000कुल40,000
1 मईTo Balance b/d26,000

यहाँ प्राप्तियों का जोड़ ₹40,000 और भुगतान ₹14,000 हैं, इसलिए शेष ₹26,000 आया।

Double Column Cash Book (Cash और Bank)

इसमें दोनों पक्षों में दो-दो कॉलम होते हैं: Cash और Bank। चेक से हुआ हर लेन-देन Bank कॉलम में और नकद का लेन-देन Cash कॉलम में लिखा जाता है।

Contra Entry (विपरीत प्रविष्टि) क्या है

जब किसी लेन-देन में डेबिट और क्रेडिट दोनों खाते Cash Book में ही हों, तो उसे Contra Entry कहते हैं। यह नकद के बैंक में जमा करने या बैंक से निकालने पर होती है। इन प्रविष्टियों के आगे L.F. कॉलम में C लिखा जाता है और इन्हें Ledger में Post नहीं किया जाता।

लेन-देनCash कॉलमBank कॉलम
नकद बैंक में जमा कियाक्रेडिट पक्ष: By Bank A/c (C)डेबिट पक्ष: To Cash A/c (C)
बैंक से नकद निकालाडेबिट पक्ष: To Bank A/c (C)क्रेडिट पक्ष: By Cash A/c (C)

उदाहरण

तारीखलेन-देनराशि (₹)
1 अप्रैलशुरुआती शेष: हाथ में नकद 10,000 और बैंक में 30,00010,000 / 30,000
3 अप्रैलनकद माल बेचा12,000
5 अप्रैलनकद बैंक में जमा किया8,000
8 अप्रैलसोहन को चेक से भुगतान किया6,000
10 अप्रैलमोहन से चेक मिला और उसी दिन बैंक में जमा किया9,000
12 अप्रैलकार्यालय के लिए बैंक से नकद निकाला5,000
15 अप्रैलकिराया नकद चुकाया2,000
18 अप्रैलवेतन चेक से चुकाया7,000

Double Column Cash Book

DrCr
तारीखविवरणL.F.Cash (₹)Bank (₹)तारीखविवरणL.F.Cash (₹)Bank (₹)
1 अप्रैलTo Balance b/d10,00030,0005 अप्रैलBy Bank A/cC8,000
3 अप्रैलTo Sales A/c12,0008 अप्रैलBy Sohan A/c6,000
5 अप्रैलTo Cash A/cC8,00012 अप्रैलBy Cash A/cC5,000
10 अप्रैलTo Mohan A/c9,00015 अप्रैलBy Rent A/c2,000
12 अप्रैलTo Bank A/cC5,00018 अप्रैलBy Salaries A/c7,000
30 अप्रैलBy Balance c/d17,00029,000
कुल27,00047,000कुल27,00047,000
1 मईTo Balance b/d17,00029,000

दोनों कॉलम का कुल अलग-अलग मिलाया जाता है: Cash का ₹27,000 और Bank का ₹47,000।

Triple Column Cash Book (Cash, Bank और Discount)

इसमें Cash और Bank के साथ एक तीसरा कॉलम Discount जुड़ जाता है। नकद छूट वह छूट है जो पैसे जल्दी चुकाने पर दी या मिलती है।

कॉलमकिस पक्ष मेंमतलब
Discount Allowedडेबिट पक्षदेनदार को जो छूट दी गई। यह व्यापार की हानि है।
Discount Receivedक्रेडिट पक्षलेनदार से जो छूट मिली। यह व्यापार का लाभ है।

उदाहरण

तारीखलेन-देनपक्षDiscountCashBank
1 अप्रैलशुरुआती शेषDr15,00025,000
4 अप्रैलमोहन से ₹5,000 के बदले ₹4,800 नकद मिले (पूर्ण निपटान)Dr2004,800
9 अप्रैलसोहन को ₹8,000 के बदले ₹7,600 का चेक दिया (पूर्ण निपटान)Cr4007,600
12 अप्रैलकिराया नकद चुकायाCr1,800

परिणाम (30 अप्रैल):

  • Cash का शेष: 15,000 + 4,800 - 1,800 = ₹18,000 (डेबिट शेष)
  • Bank का शेष: 25,000 - 7,600 = ₹17,400 (डेबिट शेष)
  • Discount कॉलम का जोड़: डेबिट पक्ष ₹200 और क्रेडिट पक्ष ₹400

Discount कॉलम की Posting: Discount कॉलम का शेष नहीं निकाला जाता, सिर्फ़ जोड़ निकालकर Ledger में उतारा जाता है। डेबिट पक्ष के ₹200 से Discount Allowed A/c को डेबिट करते हैं और क्रेडिट पक्ष के ₹400 से Discount Received A/c को क्रेडिट करते हैं। साथ ही मोहन के खाते में कुल ₹5,000 क्रेडिट होंगे (4,800 + 200) और सोहन के खाते में कुल ₹8,000 डेबिट होंगे (7,600 + 400)।

Petty Cash Book (छोटी रोकड़ बही)

दफ़्तर के छोटे-छोटे खर्च, जैसे चाय-पानी, डाक, यातायात और लेखन सामग्री, के लिए मुख्य रोकड़िया के बजाय छोटा रोकड़िया (Petty Cashier) एक अलग बही रखता है। इसे Petty Cash Book कहते हैं।

इसमें अक्सर अग्रदाय प्रणाली (Imprest System) अपनाई जाती है: मुख्य रोकड़िया हर अवधि की शुरुआत में एक तय राशि छोटे रोकड़िये को देता है। अवधि के अंत में जितना खर्च हुआ, उतनी ही राशि फिर दे दी जाती है, ताकि शेष हर बार पहले जितना हो जाए।

विद्यार्थी अक्सर ये गलतियाँ करते हैं

  1. Contra Entry को Ledger में Post कर देना। इन पर C लिखा जाता है और इन्हें Post नहीं करते।
  2. Cash और Bank कॉलम मिला देना। दोनों के जोड़ और शेष अलग-अलग निकालें।
  3. Discount कॉलम का शेष निकालना। इसका सिर्फ़ जोड़ निकलता है, शेष नहीं।
  4. Discount Allowed और Received का पक्ष उल्टा लिखना। Allowed डेबिट पक्ष में और Received क्रेडिट पक्ष में जाता है।
  5. Cash खाते को Ledger में दोबारा बनाना। Cash Book खुद Cash खाता है, अलग Cash A/c नहीं बनता।

अभ्यास के लिए MCQs

Q1. Cash Book किस प्रकार की बही है?
(a) सिर्फ़ Journal
(b) सिर्फ़ Ledger
(c) Journal और Ledger दोनों
(d) इनमें से कोई नहीं

Q2. Cash Book का शेष सामान्यतः किस पक्ष में होता है?
(a) डेबिट
(b) क्रेडिट
(c) दोनों
(d) शून्य

Q3. Contra Entry किसे कहते हैं?
(a) जिसमें डेबिट और क्रेडिट दोनों खाते Cash Book में ही हों
(b) जिसमें सिर्फ़ उधार लेन-देन हो
(c) जिसमें सिर्फ़ खर्च हो
(d) जिसमें सिर्फ़ आय हो

Q4. Discount Allowed Triple Column Cash Book में किस पक्ष में लिखा जाता है?
(a) डेबिट पक्ष
(b) क्रेडिट पक्ष
(c) दोनों पक्षों में
(d) लिखा ही नहीं जाता

Q5. बैंक से नकद निकालने पर Double Column Cash Book में क्या होगा?
(a) Cash कॉलम डेबिट और Bank कॉलम क्रेडिट
(b) Cash कॉलम क्रेडिट और Bank कॉलम डेबिट
(c) दोनों कॉलम डेबिट
(d) दोनों कॉलम क्रेडिट

उत्तर देखने के लिए यहाँ क्लिक करें
प्रश्नउत्तरकारण
Q1(c)Cash Book में लेन-देन पहली बार लिखे जाते हैं और यह Cash खाते का भी काम करती है
Q2(a)जितना नकद है उससे ज़्यादा भुगतान नहीं हो सकता, इसलिए डेबिट शेष होता है
Q3(a)Contra Entry में दोनों खाते Cash Book के ही होते हैं
Q4(a)Discount Allowed व्यापार की हानि है, इसलिए डेबिट पक्ष में आता है
Q5(a)नकद आया (Cash डेबिट) और बैंक से गया (Bank क्रेडिट)

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Cash Book को Journal और Ledger दोनों क्यों कहते हैं?

क्योंकि इसमें लेन-देन सबसे पहले तारीख के क्रम में लिखे जाते हैं (Journal का काम), और यह खुद Cash खाता भी है, इसलिए Cash का अलग Ledger नहीं बनता (Ledger का काम)।

Contra Entry क्या होती है?

जब किसी लेन-देन में डेबिट और क्रेडिट दोनों खाते Cash Book में ही हों, जैसे नकद बैंक में जमा करना या बैंक से निकालना, तो उसे Contra Entry कहते हैं। इसके आगे L.F. में C लिखा जाता है।

Triple Column Cash Book में Discount कॉलम क्यों होता है?

Cash और Bank के साथ नकद छूट का हिसाब एक ही जगह रखने के लिए। इसका जोड़ बाद में Discount Allowed और Discount Received खातों में Post किया जाता है।

Petty Cash Book क्या है?

छोटे और रोज़ के खर्चों का हिसाब रखने वाली बही, जिसे छोटा रोकड़िया रखता है। इसमें आमतौर पर अग्रदाय प्रणाली (Imprest System) अपनाई जाती है।

सारांश (Summary)

  • Cash Book में सभी नकद और बैंक के लेन-देन लिखे जाते हैं, और यह Journal और Ledger दोनों का काम करती है।
  • नकद या बैंक में पैसा आए तो डेबिट पक्ष में, जाए तो क्रेडिट पक्ष में लिखते हैं।
  • Cash Book के तीन मुख्य प्रकार हैं: Single, Double और Triple Column।
  • Contra Entry में दोनों खाते Cash Book में ही होते हैं, इसके आगे C लिखते हैं और इसे Post नहीं करते।
  • Discount Allowed डेबिट पक्ष में और Discount Received क्रेडिट पक्ष में जाता है, और इनका सिर्फ़ जोड़ Post होता है।
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