Ledger क्या है और Journal की प्रविष्टियों को Ledger में Posting कैसे किया जाता है, यह Class 11 Accountancy का अगला ज़रूरी चैप्टर है। Journal में लेन-देन तारीख के क्रम में लिखे जाते हैं, लेकिन किसी एक खाते (जैसे Cash) में कितना आया, कितना गया और अब कितना बचा है, यह जानने के लिए Ledger चाहिए। इस लेख में हम Ledger का प्रारूप, Posting के नियम, Balancing और हल किया हुआ पूरा उदाहरण आसान हिंदी में समझेंगे।
Ledger (खाताबही) क्या है
Ledger वह मुख्य बही है जिसमें सभी खाते अलग-अलग रखे जाते हैं। इसमें हर खाते के लिए अलग पन्ना या हिस्सा होता है, जैसे Cash A/c, Capital A/c, Rent A/c, Sohan A/c। Journal से लेन-देन इन्हीं खातों में उतारे जाते हैं।
Ledger में लिखने से हम किसी भी खाते का कुल जोड़ और शेष (Balance) एक नज़र में जान सकते हैं। यही शेष आगे चलकर Trial Balance और Final Accounts बनाने के काम आता है।
Journal और Ledger में अंतर
| आधार | Journal | Ledger |
|---|---|---|
| स्थान | प्रारंभिक प्रविष्टि की बही | मुख्य बही (अंतिम बही) |
| लिखने का क्रम | तारीख के क्रम में | खातों के अनुसार |
| लिखने का आधार | मूल प्रमाण (बिल, वाउचर) | Journal की प्रविष्टियाँ |
| क्या लिखा जाता है | डेबिट और क्रेडिट वाले खाते एक साथ, Narration सहित | हर खाते का अपना डेबिट और क्रेडिट पक्ष, Narration नहीं |
| प्रक्रिया का नाम | Journalising | Posting |
| शेष निकालना | नहीं निकलता | हर खाते का शेष निकलता है |
Ledger का प्रारूप (T-Form)
Ledger का खाता अंग्रेज़ी के अक्षर T जैसा होता है, जिसके दो पक्ष होते हैं। बायाँ पक्ष डेबिट और दायाँ पक्ष क्रेडिट।
| Dr (डेबिट पक्ष) | Cr (क्रेडिट पक्ष) | ||||||
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| तारीख | विवरण | J.F. | राशि (₹) | तारीख | विवरण | J.F. | राशि (₹) |
| ... | To (दूसरे खाते का नाम) | राशि | ... | By (दूसरे खाते का नाम) | राशि | ||
- J.F. (Journal Folio): Journal का वह पन्ना नंबर जहाँ से प्रविष्टि ली गई।
- L.F. (Ledger Folio): Journal में लिखा जाने वाला Ledger का पन्ना नंबर।
- डेबिट पक्ष में दूसरे खाते के नाम से पहले To और क्रेडिट पक्ष में By लिखते हैं।
Posting क्या है और कैसे करें
Journal की प्रविष्टियों को Ledger के संबंधित खातों में उतारने की प्रक्रिया को Posting कहते हैं।
Posting के नियम
- डेबिट वाला खाता: जिस खाते को Journal में Dr लिखा है, उसके Ledger खाते के डेबिट पक्ष में लिखें। विवरण में To के साथ दूसरे (क्रेडिट वाले) खाते का नाम लिखें।
- क्रेडिट वाला खाता: जिस खाते को Journal में Cr लिखा है, उसके Ledger खाते के क्रेडिट पक्ष में लिखें। विवरण में By के साथ दूसरे (डेबिट वाले) खाते का नाम लिखें।
- तारीख: वही तारीख लिखें जो Journal में है।
- राशि: Journal वाली राशि ही लिखें।
- Folio नंबर: Ledger के J.F. कॉलम में Journal का पन्ना नंबर लिखें और Journal के L.F. कॉलम में Ledger का पन्ना नंबर।
- Narration: Ledger में Narration नहीं लिखा जाता।
हल किया हुआ उदाहरण: Journal से Ledger
राम के व्यापार की ये Journal प्रविष्टियाँ पहले लिखी जा चुकी हैं:
| तारीख | Journal प्रविष्टि | राशि (₹) |
|---|---|---|
| 1 अप्रैल | Cash A/c Dr, To Capital A/c | 50,000 |
| 3 अप्रैल | Machinery A/c Dr, To Cash A/c | 10,000 |
| 5 अप्रैल | Purchases A/c Dr, To Sohan A/c | 8,000 |
| 8 अप्रैल | Cash A/c Dr, To Sales A/c | 12,000 |
| 10 अप्रैल | Rent A/c Dr, To Cash A/c | 2,000 |
अब इन्हें Ledger खातों में Post करते हैं। सभी प्रविष्टियाँ Journal के पन्ने 1 की मान ली गई हैं (J1)।
Cash A/c (Ledger)
| Dr | Cr | ||||||
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| तारीख | विवरण | J.F. | राशि (₹) | तारीख | विवरण | J.F. | राशि (₹) |
| 1 अप्रैल | To Capital A/c | J1 | 50,000 | 3 अप्रैल | By Machinery A/c | J1 | 10,000 |
| 8 अप्रैल | To Sales A/c | J1 | 12,000 | 10 अप्रैल | By Rent A/c | J1 | 2,000 |
| 30 अप्रैल | By Balance c/d | 50,000 | |||||
| कुल | 62,000 | कुल | 62,000 | ||||
| 1 मई | To Balance b/d | 50,000 | |||||
Capital A/c (Ledger)
| Dr | Cr | ||||||
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| तारीख | विवरण | J.F. | राशि (₹) | तारीख | विवरण | J.F. | राशि (₹) |
| 30 अप्रैल | To Balance c/d | 50,000 | 1 अप्रैल | By Cash A/c | J1 | 50,000 | |
| कुल | 50,000 | कुल | 50,000 | ||||
| 1 मई | By Balance b/d | 50,000 | |||||
बाकी खातों की Posting
| खाता | पक्ष | Ledger में प्रविष्टि | शेष (30 अप्रैल) |
|---|---|---|---|
| Machinery A/c | डेबिट | 3 अप्रैल, To Cash A/c, 10,000 | डेबिट शेष 10,000 |
| Purchases A/c | डेबिट | 5 अप्रैल, To Sohan A/c, 8,000 | डेबिट शेष 8,000 |
| Sohan A/c | क्रेडिट | 5 अप्रैल, By Purchases A/c, 8,000 | क्रेडिट शेष 8,000 (सोहन को देना बाकी है) |
| Sales A/c | क्रेडिट | 8 अप्रैल, By Cash A/c, 12,000 | क्रेडिट शेष 12,000 |
| Rent A/c | डेबिट | 10 अप्रैल, To Cash A/c, 2,000 | डेबिट शेष 2,000 |
Balancing (शेष निकालना) कैसे करें
किसी खाते का शेष निकालने को Balancing कहते हैं। इसके चार कदम हैं:
- डेबिट और क्रेडिट दोनों पक्षों का अलग-अलग जोड़ निकालें।
- जिस पक्ष का जोड़ कम है, उसमें दोनों जोड़ों का अंतर By Balance c/d (क्रेडिट पक्ष में) या To Balance c/d (डेबिट पक्ष में) लिखें।
- अब दोनों पक्षों का कुल बराबर लिखें।
- अगली अवधि की पहली तारीख को शेष को उल्टे पक्ष में Balance b/d लिखकर आगे ले जाएँ।
यहाँ c/d का मतलब carried down (आगे ले गए) और b/d का मतलब brought down (आगे से लाए) है।
शेष का मतलब क्या होता है
| खाते का प्रकार | सामान्य शेष | मतलब |
|---|---|---|
| Cash, Machinery, Stock जैसी संपत्तियाँ | डेबिट शेष | व्यापार के पास इतनी संपत्ति बची है |
| देनदार (जैसे मोहन) | डेबिट शेष | उससे इतने पैसे मिलने हैं |
| लेनदार (जैसे सोहन) | क्रेडिट शेष | उसे इतने पैसे देने हैं |
| Capital | क्रेडिट शेष | मालिक का इतना हक है |
| खर्च (Rent, Salary, Purchases) | डेबिट शेष | इतना खर्च हुआ |
| आय (Sales, Commission) | क्रेडिट शेष | इतनी कमाई हुई |
ध्यान रहे, खर्च और आय के खातों (नाममात्र खातों) का शेष वर्ष के अंत में Trading और Profit & Loss खाते में ले जाया जाता है, इसलिए उनमें Balance c/d और b/d नहीं लिखा जाता।
विद्यार्थी अक्सर ये गलतियाँ करते हैं
- To और By उल्टा लिख देना। डेबिट पक्ष में To और क्रेडिट पक्ष में By लिखें।
- उसी खाते का नाम विवरण में लिख देना। Cash A/c में विवरण के रूप में हमेशा दूसरे खाते का नाम लिखें।
- Balance c/d गलत पक्ष में लिखना। कम जोड़ वाले पक्ष में ही अंतर लिखें।
- Ledger में Narration लिख देना। Narration सिर्फ़ Journal में लिखा जाता है।
- Folio नंबर भूल जाना। J.F. और L.F. दोनों भरें, ताकि प्रविष्टि आसानी से मिल सके।
अभ्यास के लिए MCQs
Q1. Ledger क्या है?
(a) प्रारंभिक प्रविष्टि की बही
(b) मुख्य बही (खाताबही)
(c) रोकड़ बही
(d) क्रय बही
Q2. Ledger के डेबिट पक्ष में दूसरे खाते के नाम से पहले क्या लिखते हैं?
(a) By
(b) To
(c) Dr
(d) Cr
Q3. Journal से Ledger में लिखने की प्रक्रिया क्या कहलाती है?
(a) Journalising
(b) Posting
(c) Balancing
(d) Narration
Q4. Cash खाते का शेष सामान्यतः किस पक्ष में होता है?
(a) डेबिट
(b) क्रेडिट
(c) दोनों
(d) किसी में नहीं
Q5. यदि किसी खाते के क्रेडिट पक्ष का जोड़ डेबिट पक्ष से ज़्यादा हो, तो खाते का शेष क्या कहलाएगा?
(a) डेबिट शेष
(b) क्रेडिट शेष
(c) शून्य शेष
(d) कोई शेष नहीं
उत्तर देखने के लिए यहाँ क्लिक करें
| प्रश्न | उत्तर | कारण |
|---|---|---|
| Q1 | (b) | Ledger सभी खातों की मुख्य बही है |
| Q2 | (b) | डेबिट पक्ष में To और क्रेडिट पक्ष में By लिखते हैं |
| Q3 | (b) | Journal की प्रविष्टियाँ Ledger में उतारने को Posting कहते हैं |
| Q4 | (a) | Cash एक संपत्ति है, इसलिए सामान्यतः डेबिट शेष होता है |
| Q5 | (b) | जिस पक्ष का जोड़ ज़्यादा हो, शेष उसी पक्ष का कहलाता है |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Ledger और Journal में मुख्य अंतर क्या है?
Journal में लेन-देन तारीख के क्रम में सबसे पहले लिखे जाते हैं, जबकि Ledger में उन्हें खातों के अनुसार अलग-अलग रखा जाता है और हर खाते का शेष निकाला जाता है।
Posting क्या होती है?
Journal की प्रविष्टियों को Ledger के संबंधित खातों में उतारने की प्रक्रिया को Posting कहते हैं।
Balance c/d और Balance b/d का क्या मतलब है?
Balance c/d का मतलब है शेष को आगे ले जाना, और Balance b/d का मतलब है अगली अवधि की शुरुआत में उस शेष को उल्टे पक्ष में आगे से लाना।
Ledger में Narration क्यों नहीं लिखा जाता?
Narration लेन-देन का पूरा विवरण है, जो Journal में लिखा जाता है। Ledger में सिर्फ़ खाते का हिसाब रखा जाता है, इसलिए विवरण के रूप में दूसरे खाते का नाम लिख देना काफ़ी होता है।
सारांश (Summary)
- Ledger सभी खातों की मुख्य बही है, और Journal से Ledger में लिखने को Posting कहते हैं।
- डेबिट पक्ष में दूसरे खाते के नाम से पहले To और क्रेडिट पक्ष में By लिखते हैं।
- Ledger में Narration नहीं लिखा जाता, लेकिन J.F. और L.F. भरे जाते हैं।
- Balancing में कम जोड़ वाले पक्ष में अंतर Balance c/d लिखकर दोनों पक्ष बराबर किए जाते हैं।
- संपत्ति और खर्च के खातों में सामान्यतः डेबिट शेष और दायित्व, पूँजी व आय के खातों में क्रेडिट शेष होता है।

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