आपने नई बाइक ₹1,00,000 में खरीदी। एक साल चलाने के बाद अगर आप उसे बेचने जाएँ, तो क्या आपको ₹1,00,000 मिलेंगे? नहीं, शायद ₹85,000 या ₹80,000 ही मिलें। यही घटता हुआ मूल्य लेखांकन की भाषा में ह्रास (Depreciation) कहलाता है। हर व्यापारी की मशीन, फर्नीचर, गाड़ी और इमारत समय के साथ पुरानी होती है और उसकी कीमत घटती है। इसे सही तरीके से हिसाब में दिखाना ज़रूरी है, वरना व्यापार का लाभ गलत दिखेगा। इस लेख में हम ह्रास को उसकी दोनों मुख्य विधियों, उदाहरणों, जर्नल एंट्री और अभ्यास प्रश्नों के साथ समझेंगे।
1. ह्रास क्या है और क्यों होता है
2. ह्रास के कारण और ज़रूरी शब्द
3. सीधी रेखा विधि (SLM), सूत्र और पूरा उदाहरण
4. ह्रासमान शेष विधि (WDV), सूत्र और पूरा उदाहरण
5. दोनों विधियों की तुलना
6. ह्रास की जर्नल एंट्री
7. साल के बीच में संपत्ति खरीदने पर ह्रास
8. संपत्ति बेचने पर लाभ या हानि
9. 10 अभ्यास प्रश्न, उत्तर सहित
1. ह्रास (Depreciation) क्या है?
किसी स्थायी संपत्ति (जैसे मशीन, फर्नीचर, गाड़ी, इमारत) के उपयोग, समय बीतने, टूट-फूट या पुराने हो जाने के कारण उसके मूल्य में जो कमी आती है, उसे ह्रास कहते हैं।
2. ह्रास क्यों होता है?
| कारण | उदाहरण |
|---|---|
| उपयोग से घिसावट | मशीन चलते-चलते घिस जाती है |
| समय बीतना | इमारत या फर्नीचर पुराना होना |
| अप्रचलन (Obsolescence) | नई तकनीक आने पर पुरानी मशीन बेकार हो जाना |
| दुर्घटना या मौसम की मार | आग, बाढ़, जंग लगना |
3. ह्रास निकालने के लिए 3 ज़रूरी चीज़ें
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| मूल लागत (Cost) | संपत्ति खरीदने की कीमत + लाने, लगाने और चालू करने का खर्च |
| अनुमानित आयु (Useful Life) | संपत्ति कितने साल काम करेगी |
| अवशेष मूल्य (Scrap Value) | आयु पूरी होने पर उसे बेचने पर जितने पैसे मिलेंगे |
| बही मूल्य (Book Value) | लागत − अब तक का कुल ह्रास |
4. सीधी रेखा विधि (Straight Line Method, SLM)
इस विधि में हर साल बराबर-बराबर ह्रास लगाया जाता है। इसे स्थिर किस्त विधि भी कहते हैं।
उदाहरण
एक मशीन ₹1,00,000 में खरीदी गई। उसकी आयु 5 साल है और अवशेष मूल्य ₹10,000 है। SLM से हर साल का ह्रास निकालिए।
हल: वार्षिक ह्रास = (1,00,000 − 10,000) ÷ 5 = 90,000 ÷ 5 = ₹18,000
| साल | शुरू का बही मूल्य (₹) | ह्रास (₹) | अंत का बही मूल्य (₹) |
|---|---|---|---|
| पहला | 1,00,000 | 18,000 | 82,000 |
| दूसरा | 82,000 | 18,000 | 64,000 |
| तीसरा | 64,000 | 18,000 | 46,000 |
| चौथा | 46,000 | 18,000 | 28,000 |
| पाँचवाँ | 28,000 | 18,000 | 10,000 |
देखिए, हर साल ह्रास एक जैसा ₹18,000 रहा, और पाँचवें साल के अंत में बही मूल्य बिल्कुल अवशेष मूल्य (₹10,000) के बराबर आ गया।
ह्रास की दर निकालना
ह्रास की दर = (वार्षिक ह्रास ÷ लागत) × 100 = (18,000 ÷ 1,00,000) × 100 = 18%
5. ह्रासमान शेष विधि (Written Down Value Method, WDV)
इस विधि में हर साल ह्रास साल की शुरुआत के बही मूल्य पर एक निश्चित प्रतिशत की दर से लगाया जाता है। इसलिए ह्रास की राशि हर साल घटती जाती है।
उदाहरण
एक मशीन ₹1,00,000 की है। WDV विधि से 10% की दर पर पहले तीन साल का ह्रास निकालिए।
| साल | शुरू का बही मूल्य (₹) | ह्रास 10% (₹) | अंत का बही मूल्य (₹) |
|---|---|---|---|
| पहला | 1,00,000 | 10,000 | 90,000 |
| दूसरा | 90,000 | 9,000 | 81,000 |
| तीसरा | 81,000 | 8,100 | 72,900 |
यहाँ ह्रास हर साल घटा: 10,000 → 9,000 → 8,100। इसीलिए इस विधि में संपत्ति का बही मूल्य कभी शून्य नहीं होता।
6. दोनों विधियों की तुलना
| आधार | सीधी रेखा विधि (SLM) | ह्रासमान शेष विधि (WDV) |
|---|---|---|
| ह्रास की गणना | मूल लागत पर | साल की शुरुआत के बही मूल्य पर |
| हर साल की राशि | बराबर (स्थिर) | घटती जाती है |
| बही मूल्य | अंत में अवशेष मूल्य तक पहुँचता है | कभी शून्य नहीं होता |
| गणना | आसान | थोड़ी जटिल |
| किन संपत्तियों के लिए | इमारत, फर्नीचर, पट्टा | मशीन, गाड़ी, कंप्यूटर |
| याद रखें | बराबर-बराबर | घटता-घटता |
• SLM = Same Line Method, यानी हर साल एक जैसा ह्रास।
• WDV = Wahi Dar, Varyadhar, यानी दर वही, पर राशि बदलती (घटती)।
7. ह्रास की जर्नल एंट्री
ह्रास एक खर्च (नाममात्र खाता) है, इसलिए यह डेबिट होता है। संपत्ति का मूल्य घटता है, इसलिए संपत्ति का खाता क्रेडिट होता है।
(क) सीधी विधि से (संपत्ति खाते में से घटाकर)
| विवरण | डेबिट (₹) | क्रेडिट (₹) |
|---|---|---|
| Depreciation A/c Dr. | 18,000 | |
| To Machinery A/c | 18,000 |
(ख) हानि खाते में हस्तांतरण (साल के अंत में)
| विवरण | डेबिट (₹) | क्रेडिट (₹) |
|---|---|---|
| Profit & Loss A/c Dr. | 18,000 | |
| To Depreciation A/c | 18,000 |
8. साल के बीच में संपत्ति खरीदने पर ह्रास
अगर संपत्ति साल की शुरुआत में नहीं, बल्कि साल के बीच में खरीदी गई है, तो ह्रास केवल उपयोग की अवधि का लगाया जाता है।
उदाहरण: ₹1,20,000 की मशीन 1 अक्टूबर को खरीदी गई। ह्रास की दर 10% (SLM) है और वित्त वर्ष 31 मार्च को समाप्त होता है। पहले साल का ह्रास कितना होगा?
हल: 1 अक्टूबर से 31 मार्च तक = 6 महीने।
ह्रास = 1,20,000 × 10% × 6/12 = ₹6,000
9. संपत्ति बेचने पर लाभ या हानि
- अगर बिक्री मूल्य > बही मूल्य, तो लाभ होगा।
- अगर बिक्री मूल्य < बही मूल्य, तो हानि होगी।
उदाहरण: ऊपर वाली मशीन (WDV, 10%) का तीन साल बाद बही मूल्य ₹72,900 है।
| स्थिति | बिक्री मूल्य (₹) | बही मूल्य (₹) | परिणाम |
|---|---|---|---|
| मशीन ₹80,000 में बिकी | 80,000 | 72,900 | लाभ ₹7,100 |
| मशीन ₹70,000 में बिकी | 70,000 | 72,900 | हानि ₹2,900 |
10. ज़रूरी तथ्य जो परीक्षा में आते हैं
- ह्रास एक अनगद खर्च है।
- भूमि पर सामान्यतः ह्रास नहीं लगता।
- SLM में हर साल ह्रास बराबर रहता है, जबकि WDV में घटता है।
- WDV में बही मूल्य कभी शून्य नहीं होता।
- बही मूल्य = लागत − संचित ह्रास।
- कंपनियों में संपत्तियों की उपयोगी आयु कंपनी अधिनियम, 2013 की अनुसूची II के आधार पर तय होती है।
11. अभ्यास प्रश्न (खुद हल करें)
प्र.1 किस संपत्ति पर सामान्यतः ह्रास नहीं लगाया जाता?
(A) मशीन (B) फर्नीचर (C) भूमि (D) गाड़ी
प्र.2 ह्रास किस प्रकार का खर्च है?
(A) नकद खर्च (B) अनगद खर्च (C) पूँजीगत आय (D) दायित्व
प्र.3 एक मशीन की लागत ₹60,000, अवशेष मूल्य ₹6,000 और आयु 6 साल है। SLM से वार्षिक ह्रास कितना होगा?
(A) ₹8,000 (B) ₹9,000 (C) ₹10,000 (D) ₹11,000
प्र.4 ₹50,000 की मशीन पर WDV विधि से 20% की दर से पहले साल का ह्रास कितना होगा?
(A) ₹8,000 (B) ₹10,000 (C) ₹12,000 (D) ₹15,000
प्र.5 ऊपर वाली मशीन का दूसरे साल का ह्रास (WDV, 20%) कितना होगा?
(A) ₹8,000 (B) ₹10,000 (C) ₹9,000 (D) ₹7,000
प्र.6 किस विधि में हर साल ह्रास की राशि बराबर रहती है?
(A) WDV विधि (B) सीधी रेखा विधि (SLM) (C) दोनों में (D) किसी में नहीं
प्र.7 ह्रास की जर्नल एंट्री में किसे डेबिट किया जाता है?
(A) संपत्ति खाता (B) नकद खाता (C) ह्रास खाता (D) पूँजी खाता
प्र.8 बही मूल्य कैसे निकाला जाता है?
(A) लागत + ह्रास (B) लागत − संचित ह्रास (C) बिक्री मूल्य − लागत (D) अवशेष मूल्य × आयु
प्र.9 एक संपत्ति का बही मूल्य ₹40,000 है और वह ₹45,000 में बिकी। परिणाम क्या होगा?
(A) ₹5,000 हानि (B) ₹5,000 लाभ (C) ₹40,000 लाभ (D) कोई लाभ-हानि नहीं
प्र.10 ₹1,20,000 की मशीन 1 अक्टूबर को खरीदी गई। 10% SLM ह्रास की दर से, 31 मार्च को समाप्त साल का ह्रास कितना होगा?
(A) ₹3,000 (B) ₹6,000 (C) ₹9,000 (D) ₹12,000
उत्तर देखने के लिए क्लिक करें
1. (C) भूमि
2. (B) अनगद खर्च
3. (B) ₹9,000 (54,000 ÷ 6)
4. (B) ₹10,000 (50,000 × 20%)
5. (A) ₹8,000 (बही मूल्य 40,000 × 20%)
6. (B) सीधी रेखा विधि (SLM)
7. (C) ह्रास खाता (यह खर्च है, इसलिए डेबिट)
8. (B) लागत − संचित ह्रास
9. (B) ₹5,000 लाभ (45,000 − 40,000)
10. (B) ₹6,000 (1,20,000 × 10% × 6/12)
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
प्रश्न: ह्रास को खर्च क्यों माना जाता है, जबकि इसमें पैसा बाहर नहीं जाता?
उत्तर: क्योंकि संपत्ति का उपयोग करके हमने उसका कुछ मूल्य "खर्च" कर दिया है। यह मूल्य की कमी हिसाब में दिखानी ज़रूरी है, ताकि लाभ सही निकले।
प्रश्न: कौन-सी विधि बेहतर है, SLM या WDV?
उत्तर: कोई विधि हमेशा बेहतर नहीं होती। यह संपत्ति के प्रकार और व्यापार की ज़रूरत पर निर्भर करता है। जो संपत्ति शुरू के सालों में ज़्यादा घिसती है (जैसे गाड़ी, कंप्यूटर), उसके लिए WDV ठीक रहती है।
प्रश्न: ह्रास और अवक्षय (Depletion) में क्या अंतर है?
उत्तर: ह्रास मशीन, इमारत जैसी संपत्तियों पर लगता है, जबकि अवक्षय खदान, तेल कुएँ जैसी प्राकृतिक संपदा के घटने पर लगता है।
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