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Ledger (खाताबही) कैसे बनाएँ: जर्नल से लेजर पोस्टिंग उदाहरण सहित

 

यानी खाताबही कैसे बनाएँ, जर्नल से लेजर पोस्टिंग पर ExamKosh का थंबनेल

पिछले लेख में हमने सीखा कि जर्नल एंट्री कैसे बनाते हैं। अब सवाल उठता है कि जर्नल में लिखी गई एंट्री का आगे क्या होता है? जवाब है: उन्हें अलग-अलग खातों में छाँटकर Ledger (खाताबही) में लिखा जाता है। इस लेख में हम एक पूरा उदाहरण लेकर जर्नल से ledger बनाना, उसका balance निकालना और अंत में Trial Balance से अपना काम जाँचना सीखेंगे। हर कदम आसान भाषा में समझाया गया है।

Ledger (खाताबही) क्या है?

Ledger वह पुस्तक है जिसमें हर खाते के सारे लेनदेन एक जगह इकट्ठा करके लिखे जाते हैं। जैसे नकद के सारे लेनदेन Cash Account में, माल की खरीद Purchases Account में और रमेश से जुड़े सारे लेनदेन Ramesh Account में।

जर्नल में लेनदेन तारीख के क्रम से लिखे जाते हैं, इसलिए किसी एक खाते की कुल स्थिति जानना मुश्किल होता है। Ledger में खाता-वार हिसाब मिलता है, जिससे पता चलता है कि नकद कितना बचा, किसे कितना देना है और किससे कितना लेना है।

Journal और Ledger में अंतर

आधारJournal (रोज़नामचा)Ledger (खाताबही)
क्या हैलेनदेन की पहली लिखित पुस्तक (प्रारंभिक प्रविष्टि की पुस्तक)खातों की पुस्तक (अंतिम प्रविष्टि की पुस्तक)
लिखने का क्रमतारीख के अनुसारखाते के अनुसार
लिखने का आधारमूल प्रमाण (बिल, वाउचर आदि)जर्नल की एंट्री
कामलेनदेन को डेबिट-क्रेडिट में बाँटकर लिखनाहर खाते की कुल स्थिति (balance) जानना

Ledger का प्रारूप (T-Account)

Ledger का हर खाता अंग्रेज़ी के अक्षर T जैसा दिखता है, इसलिए इसे T-Account भी कहते हैं। इसके दो हिस्से होते हैं: बायाँ हिस्सा डेबिट (Dr.) और दायाँ हिस्सा क्रेडिट (Cr.)।

  • डेबिट साइड पर विवरण में शब्द "To" लिखते हैं।
  • क्रेडिट साइड पर विवरण में शब्द "By" लिखते हैं।
  • विवरण में हमेशा दूसरे खाते का नाम आता है, यानी उसी जर्नल एंट्री का वह खाता जो सामने वाले पक्ष में है।

जर्नल से Ledger बनाने के 5 कदम

  1. जर्नल की एंट्री पढ़ें और देखें कि कौन-सा खाता डेबिट हुआ और कौन-सा क्रेडिट।
  2. जिस खाते को डेबिट किया गया है, उसके ledger में डेबिट साइड पर "To (दूसरे खाते का नाम)" लिखकर राशि लिखें।
  3. जिस खाते को क्रेडिट किया गया है, उसके ledger में क्रेडिट साइड पर "By (दूसरे खाते का नाम)" लिखकर राशि लिखें।
  4. सभी एंट्री चढ़ाने के बाद हर खाते के दोनों पक्षों का योग निकालें।
  5. दोनों योगों का अंतर (Balance) निकालकर उसे छोटे योग वाले पक्ष में Balance c/d लिखें।

जर्नल से ledger में एंट्री ले जाने की इस प्रक्रिया को Posting (खतौनी) कहते हैं।

पूरा उदाहरण

श्री राहुल ने अक्टूबर में अपना कारोबार शुरू किया। उनके लेनदेन ये हैं:

  1. राहुल ने ₹1,00,000 नकद लगाकर व्यापार शुरू किया।
  2. नकद माल खरीदा ₹30,000।
  3. सुरेश से उधार माल खरीदा ₹20,000।
  4. मोहन को उधार माल बेचा ₹25,000।
  5. मोहन से नकद प्राप्त हुए ₹15,000।
  6. सुरेश को नकद भुगतान किया ₹10,000।
  7. किराया नकद चुकाया ₹5,000।
  8. नकद माल बेचा ₹18,000।

कदम 1: जर्नल एंट्री

क्र.विवरणडेबिट (₹)क्रेडिट (₹)
1Cash A/c ........ Dr.
    To Capital A/c
1,00,0001,00,000
2Purchases A/c ........ Dr.
    To Cash A/c
30,00030,000
3Purchases A/c ........ Dr.
    To Suresh A/c
20,00020,000
4Mohan A/c ........ Dr.
    To Sales A/c
25,00025,000
5Cash A/c ........ Dr.
    To Mohan A/c
15,00015,000
6Suresh A/c ........ Dr.
    To Cash A/c
10,00010,000
7Rent A/c ........ Dr.
    To Cash A/c
5,0005,000
8Cash A/c ........ Dr.
    To Sales A/c
18,00018,000

कदम 2: Ledger खाते

समझने में आसानी के लिए नीचे के खातों में तारीख और J.F. (जर्नल फोलियो) कॉलम नहीं दिखाए गए हैं। परीक्षा में इन्हें ज़रूर लिखें।

1. Cash Account

Dr. विवरणराशि (₹)Cr. विवरणराशि (₹)
To Capital A/c1,00,000By Purchases A/c30,000
To Mohan A/c15,000By Suresh A/c10,000
To Sales A/c18,000By Rent A/c5,000
By Balance c/d88,000
कुल1,33,000कुल1,33,000

नकद की ओर आमदनी (Dr.) ₹1,33,000 और खर्च (Cr.) ₹45,000 हुआ। इसलिए नकद शेष ₹88,000 है। यह डेबिट बैलेंस है।

2. Capital Account

Dr. विवरणराशि (₹)Cr. विवरणराशि (₹)
To Balance c/d1,00,000By Cash A/c1,00,000
कुल1,00,000कुल1,00,000

3. Purchases Account

Dr. विवरणराशि (₹)Cr. विवरणराशि (₹)
To Cash A/c30,000By Balance c/d50,000
To Suresh A/c20,000
कुल50,000कुल50,000

4. Suresh Account (लेनदार)

Dr. विवरणराशि (₹)Cr. विवरणराशि (₹)
To Cash A/c10,000By Purchases A/c20,000
To Balance c/d10,000
कुल20,000कुल20,000

सुरेश को अभी ₹10,000 और चुकाने हैं, इसलिए यह क्रेडिट बैलेंस है।

5. Mohan Account (देनदार)

Dr. विवरणराशि (₹)Cr. विवरणराशि (₹)
To Sales A/c25,000By Cash A/c15,000
By Balance c/d10,000
कुल25,000कुल25,000

मोहन से अभी ₹10,000 लेने बाकी हैं, इसलिए यह डेबिट बैलेंस है।

6. Sales Account

Dr. विवरणराशि (₹)Cr. विवरणराशि (₹)
To Balance c/d43,000By Mohan A/c25,000
By Cash A/c18,000
कुल43,000कुल43,000

7. Rent Account

Dr. विवरणराशि (₹)Cr. विवरणराशि (₹)
To Cash A/c5,000By Balance c/d5,000
कुल5,000कुल5,000

ध्यान दें: Purchases, Sales और Rent जैसे नाममात्र (Nominal) खाते सामान्यतः साल के अंत में Trading और Profit & Loss खाते में ट्रांसफर कर दिए जाते हैं। अभ्यास के लिए यहाँ इनका balance भी दिखाया गया है।

Balance निकालने का नियम

  • Dr. का योग ज़्यादा हो तो खाते का डेबिट बैलेंस होगा। अंतर को क्रेडिट साइड पर By Balance c/d लिखते हैं।
  • Cr. का योग ज़्यादा हो तो खाते का क्रेडिट बैलेंस होगा। अंतर को डेबिट साइड पर To Balance c/d लिखते हैं।
  • Balance हमेशा कम योग वाले पक्ष में लिखा जाता है, ताकि दोनों पक्ष बराबर हो जाएँ।
  • अगले दौर में यही शेष दूसरी तरफ Balance b/d (brought down) बनकर आता है। जैसे Cash का 88,000 अगले दौर में डेबिट साइड पर To Balance b/d लिखा जाएगा।

किस खाते का आमतौर पर कौन-सा बैलेंस होता है?

डेबिट बैलेंसक्रेडिट बैलेंस
संपत्तियाँ (Cash, Furniture, Machinery), देनदार, खर्चे और हानियाँ, Drawingsपूँजी, दायित्व, लेनदार, आय और लाभ

काम जाँचें: Trial Balance

सभी खातों के balance निकालने के बाद उन्हें एक सूची में लिखकर देखें कि डेबिट और क्रेडिट का कुल बराबर आता है या नहीं। इस सूची को Trial Balance कहते हैं।

खाताडेबिट (₹)क्रेडिट (₹)
Cash A/c88,000
Capital A/c1,00,000
Purchases A/c50,000
Suresh A/c10,000
Mohan A/c10,000
Sales A/c43,000
Rent A/c5,000
कुल1,53,0001,53,000

दोनों कुल बराबर हैं, यानी हमारा काम सही है। Trial Balance पर हम अगले लेख में विस्तार से बात करेंगे।

विद्यार्थी अक्सर ये गलतियाँ करते हैं

  • "To" और "By" उलट देना: डेबिट साइड पर हमेशा "To" और क्रेडिट साइड पर हमेशा "By" आता है।
  • उसी खाते का नाम विवरण में लिख देना: विवरण में हमेशा दूसरे खाते का नाम लिखें।
  • Balance गलत पक्ष में लिखना: Balance c/d हमेशा कम योग वाले पक्ष में लिखा जाता है।
  • कोई एंट्री छूट जाना: हर जर्नल एंट्री दो ledger खातों में जाती है। एक में चढ़ाकर दूसरे में भूलना सबसे आम गलती है।

अभ्यास के लिए 8 MCQ

प्र.1 Ledger में खाते किस पुस्तक से पोस्ट किए जाते हैं?
(a) Cash Book (b) Journal (c) Trial Balance (d) Balance Sheet

प्र.2 जर्नल से ledger में एंट्री ले जाने की प्रक्रिया को क्या कहते हैं?
(a) Posting (b) Balancing (c) Totalling (d) Narration

प्र.3 Ledger के डेबिट साइड पर विवरण में कौन-सा शब्द लिखा जाता है?
(a) By (b) To (c) From (d) For

प्र.4 Ledger के क्रेडिट साइड पर विवरण में कौन-सा शब्द लिखा जाता है?
(a) By (b) To (c) From (d) For

प्र.5 किसी खाते में Dr. का योग ₹1,33,000 और Cr. का योग ₹45,000 हो, तो बैलेंस क्या होगा?
(a) ₹88,000 क्रेडिट (b) ₹88,000 डेबिट (c) ₹1,78,000 डेबिट (d) शून्य

प्र.6 किसी लेनदार के खाते में Dr. ₹10,000 और Cr. ₹20,000 हो, तो बैलेंस कितना और कौन-सा होगा?
(a) ₹10,000 डेबिट (b) ₹10,000 क्रेडिट (c) ₹30,000 क्रेडिट (d) शून्य

प्र.7 Balance c/d किस पक्ष में लिखा जाता है?
(a) बड़े योग वाले पक्ष में (b) हमेशा डेबिट साइड में (c) कम योग वाले पक्ष में (d) हमेशा क्रेडिट साइड में

प्र.8 Ledger को किस नाम से भी जाना जाता है?
(a) प्रारंभिक प्रविष्टि की पुस्तक (b) अंतिम प्रविष्टि की पुस्तक (c) सहायक पुस्तक (d) रोकड़ बही

उत्तर

1-(b), 2-(a), 3-(b), 4-(a), 5-(b), 6-(b), 7-(c), 8-(b)

स्पष्टीकरण: प्र.5 में Dr. का योग बड़ा है, इसलिए डेबिट बैलेंस = 1,33,000 − 45,000 = ₹88,000। प्र.6 में Cr. का योग बड़ा है, इसलिए क्रेडिट बैलेंस = 20,000 − 10,000 = ₹10,000।

परीक्षा के लिए खास टिप्स

  • पहले जर्नल पूरा करें, फिर हर एंट्री को दोनों खातों में चढ़ाएँ।
  • हर जर्नल एंट्री चढ़ाने के बाद उस पर निशान लगा दें, ताकि कोई एंट्री न छूटे।
  • अंत में Trial Balance बनाकर देखें। दोनों कुल बराबर न आएँ, तो कहीं गलती है।
  • रोज़ एक छोटा उदाहरण खुद हल करें, इसी अभ्यास से ledger पक्का होता है।

निष्कर्ष

Ledger बनाना असल में जर्नल की एंट्री को खाता-वार छाँटना है। "To" और "By" का नियम, दूसरे खाते का नाम और कम योग वाले पक्ष में balance, बस ये तीन बातें याद रखें तो ledger आसान हो जाता है। अगला लेख Trial Balance पर होगा। सवाल हों तो कमेंट में ज़रूर पूछें।

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